जयलोकमंगल ब्लाग को मैं काफी दिनों से पढ़ता आ रहा हूं। जब ब्लाग का सदस्य नहीं बना था तो कई बार ब्लाग पर आईं पोस्ट के संबंध में मैंने अपनी प्रतिक्रियाएं पंडित सुरेश नीरवजी को फोन पर देकर अपने विचार उन तक पहुंचाए भी जिन्हें कि उन्होंने ब्लाग पर डालकर मेरी भावनाओं से अन्य सदस्यों को भी अवगत कराया। मेरा मन लेकिन दूर-दूर से अपनी बात कहकर भर नहीं पा रहा था। लेकिन तमाम व्यस्तताओं के कारण मैं ब्लाग की सदस्यता नहीं ले पाया था। अब सदस्य बन गया हूं और जितनी गर्मजोशी से साथियों ने मेरे सदस्य बनने का स्वागत किया है,उससे मैं अभिभूत हूं। बहुत कुछ लिखने का मन करता है ,समय जितनी अनुमति देगा उतना लिखता रहूंगा। बहरहाल मैं पंडित सुरेश नीरव और उनके सभी साथियों का आभार मानता हूं कि उन्होंने जयलोकमंगल परिवार का मुझे भी सदस्य बना लिया। सधभावनाओं के साथ-
हीरालाल पांडे----------------------------------------------------------------------------------------

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