There was an error in this gadget

Search This Blog

Monday, August 22, 2011

जय राधे-राधे


आज बहुत दिनों बाद जयलोकमंगल पर आने का मौका मिला। भगवानसिंह हंस और पंडित सुरेश नीरव की जुगलबंदी ने बहुत आनंद दिया है। कुछ ऐसी बातें होती रहनी चाहिए। इससे ब्लॉग की रोचकता बढ़ जाती है। जन्माष्टमी की सभी सदस्यों को बधाई।
डॉक्टर मधु चतुर्वेदी
Post a Comment