There was an error in this gadget

Search This Blog

Wednesday, April 18, 2012

फेसबुक मित्रों के लिए

"दिल जो टूटा है तो आवाज़ नहीं होती ,
हर किसी को दोस्ती रास नहीं आती ,
यह तो नसीब है अपना अपना , कोई भूलता ही नहीं ,
और किसी को हमारी याद तक नहीं आती "
यह उन फेसबुक मित्रो के लिए जो याद ही नहीं करते।
-पीयूष चतुर्वेदी
Post a Comment