Search This Blog

Saturday, December 12, 2009

दिल्ली की शादी

दिल्ली में शादी में शिरकत करके आए हैं। नोइडा से बरात ६ बजे के लगभग चली। हम कार से ७ बजे के बाद रवाना हुए। दोनों लगभग साथ साथ पहुँचीं। दरवाजे पर दस बजे पहुँच कर आधे घंटे बाद पंडाल में पहुंचे। अपने आप ही बैरे को बुलवाकर पानी पीया ओर चक्कर लगा कर खाने लायक सामान देख और चख कर वापिस होलिये.११३० के बाद निकले और रात ०१३० तक नॉएडा पहुंचे। कुल मिलाकर ५-६ घंटे दिल्ली के polution को झेल कर और उसमें इजाफा करके वापिस आगये। न किसी से मिल पाये न नए लोगों से परिचय हुआ। न लड़कीवाले हमें जानते थे न हम उन्हें जान पाये। हाँ, उन्हें हमसे मिलने का टैक्स ज़रूर देना पढ़ा जिसे पंजाबी में "मिलनी" कहते हैं । कौन किससे मिला कोई नहीं जानता।
विपिन चतुर्वेदी , हृषिकेश

No comments: