कई दिनों से मन में फ़िल्मी गाने की पैरौडी लिखने का विचार आ रहा था, लिहाज़ा मशहूर गाना कहीं आग न लग जाए की पैरौडी कहने की कोशिश की है। आप बताएं कि कितना सफल हुआ।
कहीं नाक न कट जाए
चाहे किसी से नैन लड़ाना
हिलमिल प्यार की पैंग बढ़ाना
छत पे खड़े हो पैंच लड़ाना
बस इक बात का ध्यान तू रखना
चप्पल से न पिट जाए
कहीं नाक न कट जाए।
सुबह गुलाबो, शाम चमेली
रात में सज धज बैठी नवेली
दिखलाए वो हुस्न का जलवा
रोज़ खिलाए पड़ोसी हलवा
दिल दे के पलट जाए
कहीं नाक न कट जाए।
मृगेन्द्र मक़बूल
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