Search This Blog

Tuesday, September 14, 2010

आदरणीय नीरवजी
शुक्रवार में हिंदी को लेकर आपने जो साक्षात्कार दिया है वह बड़ा ही दमदार है। आपको तो बधाई है ही साथ ही शुक्रवार के संपादक प्रदीप पंडित को भी बधाई जो उन्होंमने आप के साथ ही तमाम और साहित्यकारों के विचारों सेभी अवगत कराया। अरविंद पथिक ने अच्छी परिच्चा की है। किताबघर की पत्रिका में आपके सर्लतोषप्ऱश्नोत्तशतक के लोकार्पण का समाचार छपा है। देख लीजिएगा। राजूजी के फोटो बड़े धांसू आ रहे हैं।

मुकेश परमार

No comments: