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Sunday, November 28, 2010

आदरणीय प्रशांत योगी जी

'मन' का अंतर्मन से आपके मन को नमन

तीन दिन से देल्ही से बहार थी। अतः ब्लॉग से न जुड सकी।

देर से ही सही परन्तु ह्रदय से मेरी आपकी वर्षगांठ पर बधाई स्वीकार करें।

परम पिता परमात्मा सदैव आप पर कृपा बनाए रखें, ऐसी मेरी कामना है।

मंजु ऋषि

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