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Saturday, May 21, 2011

सुभाषितम


 भगवान की दुकान पर आदमी पहुंचा और बोला- मैं शौहरत खरीदना चाहता हूं। मैं सुख करीदना चाहता हूं। मैं अच्छी संतान चाहता हूं।              
ईश्वर ने कहा- क्षमा करें हम फल नहीं सिर्फ बीज बेचते हैं।
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आदमी को हमेशा  अपनी वाणी में मीठे शब्दों का ही उपयोग करना चाहिए। क्योंकि कभी शब्द वापस गले में लेने पड़ें तो अपना मुंह कड़वा न हो।
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गुडमॉर्निंग का मतलब है जिंदगी की एक और गुड ईनिंग की शुरूआत।
पंडित सुरेश नीरव
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