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Tuesday, May 17, 2011

डिग्गी राजा’ थे जोडिडिग्गी राजा’ थे जोडिग्गी राजा’ थे जो अपने ही देश के विरोधियों को धूल चटाने के लिए पराएँ अपने ही देश के विरोधियों को धूल चटाने के लिए पराएँग्गी राजा’ थे जो अपने ही देश के विरोधियों को धूल चटाने के लिए पराएँ अपने ही देश के विरोधियों को धूल चटाने के लिए पराएँ देश के लुटेरों की चाकरी किया करते

श्री हीरालाल पांडेयजी
आपकी पोस्ट बहुत उत्तेजक है।
इस्लामिक आतंकी लादेन की हत्या जिससे आधी दुनिया बहुत खुश हुई इसलिए ओसामाजी जैसे सांप के बारें मे सहानुभूति दिखाते हुए कोई यदि वोटों की राजनीति कर रहा है तो ऐसे ओसामाजी वाले कोंग्रेसियों के सिर सड़े हुए आलू की तरह हो गए । ओसामाजी ने भारत को दुश्मन माना था । भारत को नष्ट कर इस्लामी राष्ट्र बनाने की उसकी नीति थी ठीक जैसे बाबर औरंगजेबों की नीतियाँ थी कश्मीर मामले में उसने पाकिस्तान को हथियार और आतंकवादियों की आपूर्ति कर भारत के खिलाफ खुली बांग लगाई थी ऐसा होने के उपरांत दिग्विजय ओसामा को आदरणीय कह कर संबोधित कर रहे है इसे क्या कहा जाएँ ? भारत को सबसे अधिक खतरा इस्लाम धर्म के आतंकवादियों से नहीं बल्कि ऐसे धर्म भ्रष्ट जयचंदों से हैं दिग्विजय जैसे कोंग्रेसियों ने देश को जितना बर्बाद किया है उतना पाकिस्तान और उसके पहले मुगल आक्रांताओं ने भी नहीं किया होगा । मुगलों को भारत मे घुसने का रास्ता दिखाने वाले और बाद में उनके तलवे चाटने मे अपने को धन्य मानने मे ऐसे ही कई सेकड़ों ‘हिन्दू डिग्गी राजा’ थे जो अपने ही देश के विरोधियों को धूल चटाने के लिए पराएँ देश के लुटेरों की चाकरी किया करते थे। 
बधाई स्वीकारें...पालागन...
पंडित सुरेश नीरव
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