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Monday, July 4, 2011

दुबई-भारत दो भाई।


दुबई के लोग हम भारतीयों को दुबई का मतलब बताते हैं-दोभाई। दुबई-भारत दो भाई। भारतीयता का पूरा रंग है,दुबई में। 24 घंटे भारत के चैनल। फिल्मी म्यूजिक। और  यहां सबसे ज्यादा भारतीय डॉक्टर। आधुनिकता की अदभुत मिसाल है- दुबई। यहां 52 फाइव स्टार होटल हैं। और 72 विशालकाय मॉल्स हैं। गंगा-जमना के देश भारत में आज पानी खरीदना पड़ता है मगर इस रेगिस्तानी देश में पानी मुफ्त मिलता है। समुद्र के खारे पानी को मीठा बनाने के छह संयंत्र  दुबई में लगाए गए हैं।  यहां एक नॉलेज विलेज हैं। जिसमें 7 नामचीन विश्वविद्यालय कार्यरत हैं। भारत की मनीपाल यूनिवर्सिटी भी इनमें एक है। एक मीडिया सिटी भी है- दुबई में। होटलों के भी अपने अलग ही अंदाज़ हैं। मरीना जुमेरा अरबी शिल्प का बना होटल है। होटल रेफल्स इजिप्त के पिरामिड की शक्ल में बनी है। होटल एटलेंटिस के 1539 कमरे एक्वेरियम की डिजायन में बने हैं। एक होटल बर्थ डे केक की शक्ल में है। होटल बुर्ज 120 मंजिल की होटल है। पेरामांउट होटल तो शाहरुख खान-जैसे फिल्मी सितारों और क्रिकेट प्लेयरों की मनपसंद होटल है। समुद्र के भीतर बनी कई कि.मी..लंबी सुरंग भी चकित करती है। होटल वाटरफॉल और वाइल्डवादी भी अपने दिलकश झरनों से सैलानियों का मन मोह लेती है। गोल्डसूक मॉल और मॉल ऑफ एमीरेट्स यहां के मशहूर मॉल हैं। बुर्ज खलीफा तो इस वक्त दुनिया का आठवां आश्चर्य ही बनी हुई है। यह बुर्ज डेढ़ किलोमीटर ऊंची है और इसमें 160 मंजिलें हैं। दुबई में दो जगह मुख्य हैं। पहली है- गसेज़। इसे मिनी इंडिया भी कहा जाता है। दूसरी है- डेरा। यह दुबई में मिनी पाकिस्तान है। दिल्ली की तरह यहां ग्रीनलाइन मेट्रो चलती है। यहां कई भारतीय स्कूल भी हैं। जिनमें डीपीएस,इंडियन स्कूल और भारतीयविद्या भवन उल्लेखनीय हैं। सुमति वासुदेवन भारतीय उच्चायुक्त की पत्नी हैं और स्वयं संस्कृत की विद्वान हैं। अभिमन्यु गिरि भारतीय समाज में खासा असर रखते हैं। वे गोरखपुर के रहनेवाले हैं। उनकी पत्नी प्रीति गिरि ङी एक सक्रिय समाज सेवी हैं। दुबई में आयोजित सत्र में भारतीयों ने बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी की। ये लोग अपने कार्यस्थल से छुट्टी लेकर इस सम्मेलन में शरीक होने आए।  इस सत्र में संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय समाज और फिल्मी मुंबई की बहन है दुबई विषय पर आलेख पढ़े गए। इसके बाद एक सरस कवि सम्मेलन भी हुआ। जिसमें अभिमन्यु गिरि, रघुवंशी,सतपाल,सुरेश नीरव के अलावा सत्यव्रत चतुर्वेदी ने अपनी रोचक कविताएं सुनाईं। भारतीयों द्वारा यहा एकल विद्यालय चलाया जाता है। दुबई  की एक खास बात और है। यहां के शेख मुहम्मद राशिद खुद अरबी के एक बेहतरीन शायर हैं। और उन्होंने अपनी दुबई  को एक खूबसूरत ग़ज़ल की तरह संवारा है।
आई-204,गोविंदपुरम,ग़ाज़ियाबाद

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