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Wednesday, August 24, 2011

अन्ना पर कविता और व्यंग्य

आदरणीय पंडित सुरेश नीरवजी आपकी मैं चरणवंदना करता हूँ आपका  हास्य-व्यंग्य आख्यान जो बब्लू नामक पुत्र,एक के जी का छात्र है को लेकर अन्ना हजारे के जनलोकपाल के नैतिक समर्थन पर लिखा है, बहुत ही ज्ञानवर्धकएवं उत्साहवर्धक   है. मेरे आपको पुनि-पुनि नमन.



श्री भगवान सिंहजी  हंस की कविता जो भ्रष्टाचार पर जनलोकपाल बिल को पास करवाने के लिए किये जा रहे-अन्ना का अनशन-पर  लिखी गयी है. बहुत ही अच्छी लगी. मज़ा आ गया. मेरे  बार-बार नमन. जय लोकमंगल  



योगेश विकास
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