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Saturday, September 17, 2011

नीरवजी आपके लिए

नीरव जी आपकी भावना की क़द्र करते हुए मैंने लिखी है यह ताजा जन-कुंडली . गौर फरमाईएगा :

जन-कुंडली
महंगाई बढ़ती रहे, बड़े-बड़ों का रोल |
रेट बढ़े खाद्यान के, भूमि, तेल, पेट्रोल ||
...
भूमि, तेल, पेट्रोल, कमर जनता की तोड़ी |
भ्रष्ट तंत्र ने पहले से ही बाँह मरोड़ी ||
कहे शून्य कविराय, समझ लो यह सच्चाई |
हमें गर्त में पहुँचाने आयी महंगाई.

- शून्य आकांक्षी
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