Search This Blog

Wednesday, October 12, 2011

है।स्यूडो इंटेक्चुअल्स को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर कुछ भी बोलने का अधिकार नहीं है

भ्रष्टाचार के विरूद्ध मिले अपार जनसमर्थन से बौराये टीम अन्ना के सदस्यों को यह समझना चाहिए कि देश विरोधी बयानबाज़ी को  अब यह देश  बर्दाश्त करने  के मूड में नहीं है।स्यूडो इंटेक्चुअल्स को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर कुछ भी  बोलने का अधिकार नहीं है।मैं भगतसिंह क्रांतिसेना द्वारा प्रशांतभूषण की पिटाई का समर्थन करता हूं।तेजेंद्रपाल सिंह बग्गा और उनके साथियों को इस साहस पूर्ण कार्य के लिए बधाई देता हूं।
Post a Comment