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Sunday, October 2, 2011

गांधीजी के दांत


पंडित सुरेश नीरव
बापू के पास हमेशा दांतों का एक सेट रहता था। इसे वे अपनी लंगोटी में लपेटकर चलते थे। जब खाना खाना होता था तभी ये इस सेट को मुंह में लगाते थे और खाना खाने के बाद धो-पौंछकर फिर से अपनी लंगोटी में बांध लेते थे।
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              बापू ने कहा-
छल-कपट और असत्य के दौर में सीना ताने असत्य का मैं विवश साक्षी नहीं बन सकता। यदि मैं चुप और निष्क्रिय बनकर बैठ जाऊंगा तो ईश्वर मुझे इस बात के लिए दंडित करेगा कि मैंने समूची दुनिया को अपनी चपेट में ले रही इस आग को बुझाने के लिए ईश्वर प्रदत्त सामर्थ्य का इस्तेमाल क्यों नहीं किया।
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गांधी जयंती पर कविगोष्ठी
अखिलभारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र इकाइ की और से गांधी जयंती पर कविगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। अखिलभारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन के राष्ट्रीय महासचिव पंडित सुरेश नीरव तथा राष्ट्रीय प्रचार सचिव रजनीकांत राजू इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। अखिलभारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष भगवानसिंह हंस के मुताबिक इस गोष्ठी में सर्वश्री कृष्ण कल्पित, पुरुषोत्तम नारायण सिंह,बीएलगौड़,अतुल जैन, घनश्याम वशिष्ठ, गजेसिंह त्यागी,जीतेश शर्मा,अरविंद बख्शी,राजमणि,कृष्ण कल्पित,मुकेश परमार,जयवीरसिंह,प्रदीप जैन,अरुण जैमिनि आदि अनेक कवि कविता पाठ करेंगे। 
जयलोकमंगल जयलोकमंगल जयलोकमंगल जयलोकमंगल जयलोकमंगल जयलोकमंगल जयलोकम
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