There was an error in this gadget

Search This Blog

Wednesday, November 9, 2011


जय बद्रीनाथ की ---
-----------------------------
आदरणीय नीरव जी ,
नमन --
--------------
कविता करना या तीर्थ करना
दोनों पुन्य का कार्य है ,यदि
दोनों एक साथ हो जायतब
इसेही सोने में सुहागा ''
कहते हैं ------------------
बुजर्गों के आशीर्बादसे ,आप
जेसे उदारमना ,व्यक्तित्वों
के सानिध्य में कविता के साथ ही
तीर्थस्थली बदरीनाथजी के दर्शन क़ा
उम्मीद से दुगना सुख प्राप्त हुआ ....---
------------------------------------
आभार ।---
------------------------
प्रकाश प्रलय कटनी .....----
-----------------------
तीर्थीयकाव्य यात्रा के कवि मित्र
डॉशंकर सहर्ष ,श्यामल मजुमदार ,
संतोष इंकलाबी ,अशोकपटेल ,आप स्वयं
बधाई के पात्र हैं .....---------
---------------------------------------------
प्रकाश प्रलय कटनी ----
------------------------------------------
गुरु नानक जयंती पर हार्दिक शुभकामनाये -------------
-------------------------------------------------
१०/११/२०११
------------------------------------
Post a Comment