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Monday, December 19, 2011

बधाई --
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शोभा जी की लघुकथा 
ह्रदय की गहरी व्यथा 
मन तरहो गया ---
लघुकथा लिखने मे
मेरा भी मन खो गया ----
----------------------------बानगी देखें ---
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बेटा ,पढ़ लिख कर
बहुत बड़ा हो गया --
मैंने कहा-बेटा ,अच्छे -अच्छे 
पैकेज मिल रहे हैं ,जाओ ,खूब 
कमाओ ,खाओ ,एश करो ...-
बेटा बोला --पापा ,जब तक आप 
और मम्मी जी है ,आपके साथ ही 
रहूंगा ,मेरे लिए इससे बड़ा पैकेज 
और क्या हो सकता है ----------
मैनिरुत्तर था ----
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प्रकाश प्रलय कटनी 
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