There was an error in this gadget

Search This Blog

Thursday, December 5, 2013

दिनेश सोनी मंज़र के अशआर

* सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति-
***************************
सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति की कोशिश रहती है कि आज जो लिखा जा रहा है और जो अपने खास अंदाज़ के कारण लोगों की जुबान पर है ऐसे मशहूर अशआरों से आपको रू-ब-रू कराया जाए। लीजिए इसी क्रम में पेश हैं-*** दिनेश सोनी मंज़र के दो शेर। हमारी यह कोशिश आपको कैसी लगी कृपया अपनी राय ज़रूर दीजिएगा।
*****-सुरेश नीरव

*हार्दिक आभार* हार्दिक आभार* हार्दिक आभार* हार्दिक आभार* हार्दिक आभार*
###############################################
***** श्री अनिल खंपरिया के अशआरों पर हमें अपने इन पाठकों की प्रतिक्रियाएं मिली हैं- सर्वश्री- धन्यवाद- प्रकाश प्रलयजी,मधु मुकुल चतुर्वेदीजी,रजनीकांत शर्माजी,राहुल उपाध्यायजी,कांति शुक्लाजी,अरुण जैमिनीजी,गिरीश मिश्राजी,सुनील अग्रवालजी,प्रमोद कुमारजी, धन्यवाद सुनील अग्रवालजी,गिरीश पंकजजी,संत कृष्ण आनंदजी,दिनेश सोनी मंजरजी,गोपाल लाल पारीकजी,धन्यवाद राजशेखर व्यासजी,राजेश जैसवालजी,धीरज चौहानजी,परवीन कुमारजी,अशोक कौशिक,अनिल खंपरियाजी,डॉक्टर सौरभ मिश्राजी,कृष्षणकांत अग्रिनहोत्रीजी,शशीश कुमार तिवारीजी,विनोद पांडेजी,दिनेश दीवाना,फानी जोधपुरीजी,प्रहलाद पारीकजी,दिनेश दीवानाजी,विजय पटेलजी,सुरेश स्वपनिलजी,प्रमोद कुमारजी,विकास पांडेजी और प्रमोद प्यासीजी।
सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति की और से हम अपने इन सभी सुधि पाठकों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं और उम्मीद करते हैं कि भविष्य में भी इसी तरह अपनी राय से हमें अवगत कराते रहेंगे।
@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@

Post a Comment