हजामत
कल्याण सिंह
आज हजामत बनाई जारही है मुलायम के मारे, राम के फिर सहारे,गद्दी से उतारे, बार-बार जीते बार-बार हारे, किसी की आंखों के कांटे कसी की आंखों के तारे,कर्सी के प्यारे जनाब कल्याण सिंह की जिन्हें दल बदलने में अखिल भारतीय महाभारत हासिल है। और पश्चाताप करने की प्रतियोगिता के तो जो चैंपियन हैं। पहले हिंदूवादी बने और मस्जिद तोड़ने का जिम्मा अपने सिर लिया फिर पश्चाताप पर यहां तक उतर आए कि भाजपा छोड़कर मुलायम सिंह का दामन थाम लिया। भाजपा को अपने जीवन की भूल बताया और मुसलमानों के चहेते बनकर देने लगे भाजपा को गालियां। मुलायम सिंह उनके जिगर का टुकड़ा और चांद-सा मुखड़ा बन गए। फिर कुछ दिन बाग इनकी कुंडलली जागी मुलायम विश्वासघाती हो गए और कल्याण सिंह फिर हिंदूवादी हो गए। मुलायम गद्दार और धोखेबाज सिद्ध हुए और वे फिर संघ के पुराने साथी और सैनिक बन गए। ऐसा पलटेमार दूजा हमने तो देखा नहीं। फटाफट पल्टी मारने मैं इनका कोई जवाब नहीं। इन्हें सिर्फ कुर्सी दिखती है और कुछ नहीं। जनता की ये हजामत बनाने में माहिर हैं मुलायम सिंह और अमर सिंह की भी हजामत बनाने वाले तुझ पर सारे नाई कुर्बान हैं। आप हमारी भ्रष्ट राजनीति की शान हैं। आपके प्रणाम आप बड़े महान हैं।
पं. सुरेश नीरव

1 comment:
saty vachan hai ..... aise hi raajneta kalank hain, bhaar hain dharti maata ki god mein ....
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