समीक्षा-
पत्रिकाः मानव जागृति
समाज के रचनात्मक पहलुओं को उजागर करने के लिए आजकल पत्रिकाओं का बड़ा अभाव है। ऐसे शून्यकाल में बहुत सीमित संसाधनों से लोगों ने एक मासिक पत्रिका शुऱू की है मानव जागृति विचार मंच। जैसा कि नाम से ही अंजाज लग जाता है यह पत्रिका अध्यात्म और धर्म पर ज्यादा केन्द्रित है। अच्छा हो कि संपादक मंडल साहित्य और समकालीन मुद्दों को भी इसमें पर्याप्त स्थान दें।
जब पं. सुरेश नीरव का नाम इसके परामर्शदाताओं में शुमार है तो भला ऐसी चूक कैसे हो रही है । यह सोचले की बात है। अगर संपादन को थोड़ा और कसा जाए तो पत्रिका साहित्य में भी अपना एक स्थान बना सकती है मगर इसके लिए इसके फार्मेट में ज़रूरी बदलाव अपेक्षित हैं। प्रयास प्रशंसनीय है।
पत्रिकाः मानव जागृति
मधु मिश्रा
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