हजामत
(शरद पवार)
कुछ दिन देश में और कुछ दिन विदेश में भटकता रहा इसलिए हजामत करने से चूकता रहा मगर अब आ गया हूं और आज मेरे सेलून में खुद-ब-खुद एक ग्राहक आ पहुंचा है। वैसे तो वह पहुंचा ही हुआ शख्स है और उसका नाम है घड़ीवाले शरद पवार। घड़ी इनकी पार्टी का चिन्ह है। पार्टी का नाम है राष्ट्रवादी कॉग्रेस। यानी जो दूसरी कॉग्रेस है वह राष्ट्रवादी नहीं है। है न ये राज़ की बात। आजकल पता नहीं देश के नसीब की घड़ी खराब चल रही है या कि शरद पवार की इस की पड़ताल तोकोई ज्योतिषी ही कर सकता है मगर देशवासियों की घड़ी जरूर खराब चल रही है जो उन्हें शरद पवार जैसे आदमी को झेलना पड़ रहा है। चीनी लॉबी को खासमखास शरद पवार ने अपने चाहनेवालों को इतना मुनाफा दिलवा दिया कि चीनी खाना ही आम आदमी के वश के बाहर की चीज़ हो गई। उस पर तुर्रा ये कि चीनी न खाने से कोई मर थोड़े ही जाता है और चीनी खाने से डायबटीज़ हो जाती है। इसलिए अच्छा है आप चीनी खाना छोड़ दें। वाह भैया क्या नुस्खा निकाला है जनाब ने। कितने हमदर्द हैं जनता के। चलो चीनी खाना छोड़ भी दें तो दाल और अनाज कोन-सा सस्ता कर दिया आपने। आप तो कल पानी और हवा भी छुड़वा देंगे। हवा तो आपने जनता की वैसे ही निकाल दी है। सब के चेहरों की हवाईयां उड़ी हुई हैं। मगर आपको क्या आप तो ठहरे क्रिकेटिया। आप को जनता से क्या। राहुल गांधी ने बाल ठाकरे के गढ़ में जाकर चुनौती दी लोकल में घूमे और युवकों को संबोधित किया आप को ये कैसे सहन होता। आप बहाना देखकर पहुंच गए मातुश्री और क्रिकेट की सुरक्षा के नाम पर लगा आए पलीता। अरे भाई केन्द्र और महाराष्ट्र दोनों जगह सरकार कॉग्रेस की है फिर सुरक्षा बालठाकरे क्या करेंगे। मगर आपने वहां जाकर जता दिया कि बाल ठाकरे को विश्वास में लिए बिना बंबई में पत्ता भी नहीं हिल सकता। राहुल गांधी तो कमांडो के साए में अपनी नोटंकी कर गए हैं। अरे भैया हमें तो क्रिकेट खिलवानी है वो कोई कमांडो के साए में छोड़े ही खेली जाएगी। शिवसैनिकों ने कोई लफड़ा कर दिया तो टिकट कम बिकेंगे आप के बोर्ड की आमदनी कम हो जाएगी। शाहरुख खान से आप नहीं मिलेंगे मगर बाल ठाकरे से जरूर मिलेंगे। आप जैसे राष्ट्रभक्त पर हमें नाज है। जनता को डायबटीज से बटाने के लिए आपने चीनी मंहगी की। जनता के आप कितने शुभचिंतक हैं। यह देश आप जैसे नेताओं के बल पर ही तो चल रहा है वरना कब का रसातल में पहुंच जाता। मैं साबुन लगाकर आपके चेहरे को जनता के फैसले के लिए छोड़ रहा हूं जब सही घड़ी आएगी तो यही आपकी हजामत बनाएगी। और फिर जिसने सारे देश की ही हजामत बना दी हो उसकी मैं क्या हजामत बना सकता हूं। आप जनता की संपत्ति हैं जनता ही आपकी हजामत बनाएगी।
जय लोक मंगल.
आपका शुभ चिंतक


No comments:
Post a Comment