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Wednesday, February 10, 2010

आज के लतीफे




लतीफ़े


जय लोकमंगल के गुदगुदे पाठकों के लिए खिलखिलाते चुटकुले पेशे खिदमत हैं। ्च्छे लगें तो अपनी प्रतिक्रया दें ताकि मुझे लगे कि मेरी महनत सफल हुई या नहीं।

दूल्हा (दुल्हन से)- आज से तुम मेरी जीनत हो, तब्बसुम हो, तमन्ना हो..

दुल्हन - जी आज से आप भी मेरे लिए नावेद हो, ताहिर हो, इमरान हो

संता- कल पापा कुएं में गिर गए, बहुत चोट लगी, बहुत चिल्ला रहे थे।

बंता- अब कैसे हैं?

संता- ठीक ही होंगे, कल से कुएं से कोई आवाज नही आई ना।

एक डॉक्टर की शादी नर्स से हो जाती है।

डॉक्टर के मित्र ने पूछा- भाभी जी कैसी हैं?

डॉक्टर- यार वो मेरी बात ही नही सुनती जब तक उसे सिस्टर कहकर न बुलाऊं।

अध्यापक (छात्र से)- देर से क्यों आये हो?

छात्र (अध्यापक से)- बाइक बिगड़ गयी थी सर।

अध्यापक- बस में नही आ सकते थे?

छात्र - मैं तो आ जाता सर लेकिन आपकी बेटी तैयार नही हुई।

पत्नी (पति से)- मेरी सालगिरह पर आप चेन गिफ्ट करना।

पति (पत्नी से)- जरूर दूंगा, बताओ साइकिल की दूं या मोटर साइकिल की...

सौजन्यःदैनिक जागरण

प्रेषकः ओ. चांडाल

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