मकबूलजी आपकी ग़ज़ल उतनी मज़ेदार नहीं रही जितनी कि आपसे उम्मीद की जाती है। गुस्ताखी माफ।
बलराम दुबे
आपके द्वारा भेजे गए बालाजी के चित्र अच्छे लगे।
आज पेश हैं पहले कुछ चुटकुले
संता- कल पापा कुएं में गिर गए, बहुत चोट लगी, बहुत चिल्ला रहे थे।
बंता- अब कैसे हैं?
संता- ठीक ही होंगे, कल से कुएं से कोई आवाज नही आई ना।
एक डॉक्टर की शादी नर्स से हो जाती है।
डॉक्टर के मित्र ने पूछा- भाभी जी कैसी हैं?
डॉक्टर- यार वो मेरी बात ही नही सुनती जब तक उसे सिस्टर कहकर न बुलाऊं।
अध्यापक (छात्र से)- देर से क्यों आये हो? डॉक्टर के मित्र ने पूछा- भाभी जी कैसी हैं?
डॉक्टर- यार वो मेरी बात ही नही सुनती जब तक उसे सिस्टर कहकर न बुलाऊं।
छात्र (अध्यापक से)- बाइक बिगड़ गयी थी सर।
अध्यापक- बस में नही आ सकते थे?
छात्र - मैं तो आ जाता सर लेकिन आपकी बेटी तैयार नही हुई।
प्रेषकः पं. सुरेश नीरव
(सौजन्यःदैनिक जागरण)




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