एक व्यक्ति को रोटी चुराने के आरोप में पकड़ा जाता है और फिर सजा के नाम पर उसके दोनों हाथ काट दिए जाते हैं। क्या यह न्याय है। जिंदगी भर वह अब अपने हाथों से कुछ कमा नहीं पाएगा। और यह सब हुआ मजहब और कानून के नाम पर। ऐसे मार्मिक चित्रों को भेजा है
डॉ. अनिल कुलश्रेष्ठ ने
हाथ काट दिए गए
इसे आप क्या कहेंगे।
बर्बरता
या
इंसाफ
ज़रा सोचिए
1 comment:
जिन लोगो ने हाथ काटा है वो इन्सानों के श्रेणी में आ ही नही सकते,जानवरों से और क्या उम्मीद होगी
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