कुछ दूर हमारे साथ चलो
हम दिल की कहानी कह देंगे।
समझे ना तुम जिसे आँखों से
वो बात ज़ुबानी कह देंगे।
जो प्यार करेंगे, जानेंगे
हर बात हमारी मानेंगे।
जो जले न हों ख़ुद उल्फत में
वो आग को पानी कह देंगे।
जब प्यास जवां हो जाएगी
एहसास की मंज़िल पाएगी।
खामोश रहेंगे और तुम्हें
हम अपनी कहानी कह देंगे।
इस दिल में ज़रा तुम बैठो तो
कुछ हाल हमारा पूछो तो
हम सादा दिल हैं अश्क मगर
हर बात पुरानी कह देंगे।
आफ़ताब अश्क
प्रस्तुति- मृगेन्द्र मक़बूल
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