आप दुनिया भर से उल्फत कीजिये
मुझको मेरा दिल इनायत कीजिये
जब्त से क्या खून -ए- हसरत कीजिये
एक नाला कर के फुर्सत कीजिये
जौफ कहता है के मंजिल दूर है
शौक कहता है कि हिम्मत कीजिये
गर्क ही होना था मंज़ूर -ए-खुदा
ना-खुदा की क्या शिकायत कीजिये
मेरे मोहसिन जहाँ तक हो सके
अपने दिल में जब्त -ए-उल्फत कीजिये
( naalaa : cry; zoaf : weakness)
प्रस्तुति: अनिल (२५.०२.२०१० अप १२.०० बजे )
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