सुन बाबा सुन एक हँसी में इतने गुण
कामकाजी माहौल में भी हंसी किस तरह फायदा पहुंचाती है इसका एक जायजा
1. हास्य तनाव के स्तर को कम करता है और मालिक तथा कर्मचारी के बीच मन-मुटाव को खत्म कर देता है।
2.हास्य कर्मचारी के नैतिक स्तर को बढ़ाता है। मालिक की एक हँसी का निवेश कर्मचारी को बहुगुणित खुशी देता है। मालिक के लिए हँसी एक बेरोमीटर है जिससे कि वह अपने स्टाफ की खुशियां नाप सकता है।
3. हर गतिविधि आंखों के सामने हो यह अधिकारी चाहता है। ङंसी हर छीज को पारदर्शी बना देती है। .
4. ङंसी बदलाव का स्वागत करती है। बदलाव जीवन का नियम है। हँसी बदलाव के हिसाब से आदमी को ढाल देती है। .
5. हंसी संवाद का बेहतरीन जरिया है। समय-समय पर की जानेवाली हँसी अधिकारी और कर्मचारी के हीच की तमाम दूरियों को पाट देती है।
6. हँसी बोरियत को मिटाकर काम करने की नई ऊर्जा का संचार करती है।
7. हँसी आत्मविश्वास में इजाफा करती है। जब भी कोी हंसता है उसका इगो कम हो जाता है और व्यक्ति अपनी गलती को भी सहजता से स्वीकार कर लेता है। .
8. हंसी हमेशा एक पॉजिटिव रिलेशन बनाती है। जैसे ही आप कोई लतीफा या हास्य प्रसंग सुनते हैं आप तत्काल उसे कुसी और को शेयर करना चाहते हैं।
9. हंशी खुशी में इजाफा करती है और आदमी को जीने का सही सलीका समझाती है।
10. हँसी उत्पादन में क्वालिटी कंट्रोल का भी काम करती है। जहां काम हंसी-खुशी के माहौल में किया जाएगा वहां पर्फार्मेंस काम करनेवाला बढिया देता है।
11. हँसी खभी किसी की जाति,सेक्स और कमी पर नहीं की जानी चाहिए।.
1 comment:
महोदय! हास्य टिप्स काबिले तारीफ हैं।
सद्भावी--
डॉ० डंडा लखनवी
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