यह मंच आपका है आप ही इसकी गरिमा को बनाएंगे। किसी भी विवाद के जिम्मेदार भी आप होंगे, हम नहीं। बहरहाल विवाद की नौबत आने ही न दैं। अपने विचारों को ईमानदारी से आप अपने अपनों तक पहुंचाए और मस्त हो जाएं हमारी यही मंगल कामनाएं...
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Sunday, April 4, 2010
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आज मकबूलजी नहीं दिखाई दिए क्या बात है। अनिलजी का कारनामा पसंद आया। मैंने अपना काम कर दिया है। राशिफल आपको कैसा लगता है मैं इसे आगे भी दूं या नहीं इस पर भी विचार चाहता हूं। कृपया बताएं। भगवानसिंह हंस
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