आज 14 सितंबर है यानी हिंदी दिवस। आज के ही जिन 14 सितंबर 1950 को भारत की संसद ने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया था। आज हिंदी के राजभाषा बने साठ साल हो गए। यानी कि आज से हिंदी सठिया गई। मगर साठा सो पाठा। यानी अब हिंदी एक नए तेवर में आएगी। और विश्व में छाएगी। संयुक्त राष्ट्रसंघ में झंडा लहराएगी।लीजिए पेश है आज
हिंदी की वंदना का गीत-
हिंदी भारत की भाषा है,संस्कृति की गौरव गाथा है
भाषा मंदिर की देवी के माथे शोभित जो बिंदी है
वो पंत,निराला दिनकर की कविता से निकली हिंदी है
भारत के जन-गण के मन की हिंदी ही अभिलाषा है
हिंदी भारत की भाषा है,संस्कृति की गौरव गाथा है।
बंधन गुलामी की कारा के इस हिंदी ने ही थे तोड़े
संबंध एकता के इसने ही सारे भारत में जोड़े
अपनी भाषा का एक शब्द भी देता बड़ी दिलासा है
हिंदी भारत की भाषा है,संस्कृति की गौरव गाथा है।
बिस्मिल,सुभाष,आजाद,भगत हिंदी के अभिनव ज्ञानी थे
रसधार बही थी कविता की कवि भारतेंदु की वाणी से
आजादी के जंग में भी दर्जा हिंदी का खासा है
हिंदी भारत की भाषा है,संस्कृति की गौरव गाथा है।
अंग्रेजी के मोह में पड़कर हम अपनी निशानी भूल गए
पीजा,बर्गर के चक्कर में क्यें गुड़धानी को भूल गए
भावों की थाली में हिंदी पूजन का पान-बताशा है
हिंदी भारत की भाषा है,संस्कृति की गौरव गाथा है।
अंतरिक्ष में भारत ने भाषा बोली वो हिंदी है
विश्वकोष में ऊंची सबसे हिंदी की आसंदी है
जा पहुंची राष्ट्रसंघ तक हिंदी भारत का चमका माथा है
हिंदी भारत की भाषा है,संस्कृति की गौरव गाथा है।
पंडित सुरेश नीरव

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