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Monday, September 13, 2010

इस गीत की प्रासंगिकता बनी रहेगी।

आदरणीय नीरवजी आपने हिंदी वंदना का गीत बहुत बढ़िया लिखा है। इस गीत में आपने राजभाषा कामहिमा मंडन बड़ी कुशलता से किया है। आज ही नहीं हमेशा इस गीत की प्रासंगिकता बनी रहेगी। एक अच्छे गीत के लिए आपको अनेक बधाइयां...
रजनीकांत राजू

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