Search This Blog

Tuesday, September 14, 2010

खुदा दिलजलों की नजर से बचाए

ब्लाग पर रजनीकांतजी मेहरबान हो गए
खबरों की दुनिया का समान हो गए
तस्वीर क्या देखी जमाने ने तेरी
काफिर भी मुहल्ले के मुसलमान हो गए।
आदाब अर्ज है हुजूर...। खूब लिख रहे हैं और खूब दिख रहे हैं।
खुदा दिलजलों की नजर से बचाए
तुमके हमारी उमर लग जाए।
पंडित सुरेश नीरव

No comments: