नं-1 रहे हनुमानजी जय हनुमान ज्ञानगुन सागरःजयकपीश तिहु लोक उजागर रामदूत अतुलित बलधामाःअंजनि पुत्र पवन सुत नामामहावीर जब नाम सुनाएःभूत-पिशाच निकट नहीं आएयह हनुमानजी की कृपा है कि सबसे ज्यादा लोगों ने अपने विचार और सबसे जल्दी अपने विचार मंगलवार और हनुमानजी पर व्यक्त किए हैं। श्री राजमणि,भगवानसिंह हंस,अरविंद पथिक, योगेश विकास, दया निर्दोषी,मधु चतुर्वेदी,प्रेमलता नीलम और मुकेश परमार के विचार पढ़ने को मिले। सब ही हनुमान भक्त निकले। सबको मैं धन्यवाद देता हूं।))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))))
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