Search This Blog

Sunday, October 3, 2010

दिल से किसी की याद के साये नहीं गए

खास ख़बर-


मेरठ में हुआ काव्य पाठ। सुप्रसिद्ध ग़ज़लकार औंकार गुलशन,पुरुषोत्तम वज्र और पंडित सुरेश नीरव ने श्रोताओं को किया भाव विभोर..

ग़ज़ल-

बीते हुए ज़माने भुलाए नहीं गए
दिल से किसी की याद के साये नहीं गए






यूं तो ताल्लुकात हमारे भी कम न थे
हमसे ताल्लुक़ात भुनाए नहीं गए


बैठे हुए थे सामने गैरों के साथ वो
महफिल में हमसे शेर सुनाए नहीं गए


पलभर को न जी सके बनावट की ज़िंदगी
हालात हमसे अपने छुपाे नहीं गए


दिल तो तुम्हारी याद में रोया बहुत मगर
आँखों से हमसे अशअक बहाए नहीं गए




गुलशन यूं रस्मोराह ग़ज़ल से न हो सकी
हमसे ग़ज़ल के नाज. उठाए नही गए।
औंकार गुलशन,

No comments: