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Monday, October 4, 2010

कविसम्मेलन के लिए साधुवाद

आजकल कविसम्मेलन को लेकर ब्लाग पर बहुत गहमागहमी है। सबसे अच्छी बात यह है कि एक बहुत बड़े पाठक वर्ग ने इस प्रयोग को सराहा है। और एक अच्छे-खासे वर्ग ने इसमें आगे लिखने की इच्छा भी व्यक्त की है। मुझे भी इस इंटरनेटी कवि सम्मेलन में शरीक होने का मौका मिला। यह मेरी खुशनसीबी है। और जयलोकमंगल की सफल प्रयोगधर्मिता। मेरे साधुवाद कविसम्मेलन के संयोजक मंडल के लिए...
मधु मिश्रा




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