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Tuesday, October 19, 2010

मेरा भारत महान

बोध कथा-
एक यात्री जो सारी दुनिया के तीर्थ स्थल देखने निकला था  सफर करते हुए अमेरिका के  एक भव्य चर्च में पहुंचा। वहां उसने एक दीवार पर एक सोने का बहुत ही सुंदर टेलीफोन रखा देशा जिसके नीचे लिखा था- एक काल दस लाख डालर का। यात्री को यह देखकर बड़ा आश्चर्य हुआ। उसने फादर से जाकर पूछा तो उन्होंने का कि यहां से सीधे स्वर्ग बात की जा सकती है इसलिए इस की रेट इतनी ज्यादा है। तीर्थयात्री सुनकर खुश हुआ। फिर वह जापान गया तो वहां भी बैद्ध मंदिर में उसने वैसा ही टेलीफोन देखा जहां लिखा था- एक काल दस लाख येन का। उसने वहां के पुजारी से पूछा तो उन्होंने भी वही उत्तर दिया कि यहां से सीधे स्वर्ग बात की जा सकती है इसलिए रेट इतना ज्यादा है। इसके बाद तीर्थयात्री चीन गया,रूस गया,सिंगापुर गया सब जगह उसे वैसा ही टेलीफोन मिला और सब जगह पुजारियों ने एक ही जवाब दिया। अपनी तीर्थ यात्रा के अंत में वह तीर्थयात्री भारत आया और एक  मंदिर में गया तो वहां भी उसे वही टेलीफोन मिला मगर रेट लिखा था- एक काल का एक रुपया।
अब जरा सोचिए कि यहां रेट इतना सस्ता क्यों था.। नहीं समझ पा रहे हैं,क्या जवाब दिया होगा पुजारी ने। तो लीजिए सुनिए पुजारी का जवाब-
तीर्थ यात्रीः यहां काल रेट इतना सस्ता क्यों।
    पुजारीः यहां से स्वर्ग का लोकल काल लगता है। क्योंकि स्वर्ग यहीं हैं।भारत में। भगवान राम ने रामायण में कहा भी है-
जननी जन्म भूमिश्च स्वर्गादपि गरियसि..
अब आप गर्व से कह सकते हैं कि मेरा भारत महान..
जयहिंद-जयभारत
-पंडित सुरेश नीरव
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