मुल्ला नसरुद्दीन हाँफते हुए थाने पहुँचा और थानेदार से शिकायत
करने लगा --"थानेदार जी मेरे घर के पीछे एक तालाब है , वहां
लड़कियां नंगी नहाती रहती है ! मेरा तो जीना दूभर हो गया है !
लज्जा तो स्त्री का गहना है , कुछ कीजीये !
थानेदार ने कहा --"ठीक है आप जाएँ , मैं अभी सिपाही भेज कर
उनका वहां नहाना बंद कराये देता हूँ !"
दूसरे दिन फिर मुल्ला नसरुद्दीन थाने पहुँचा और वही
शिकायत की !
थानेदार ने कहा --" अब तो वो लड़कियां दूसरे तालाब मैं नहाने
जाने लगी हैं , वह तो तुम्हारे घर से बहुत दूर है ?"
नसरुद्दीन बोला -" हाँ वो तो ठीक है साब , लेकिन मैं बाजार से
दूरबीन जो ले आया हूँ , बिल्कुल साफ़ नज़र आती हैं !"
..........................डाक्टर साहेब आप क्यों दूरबीन खरीद
लाये ,नेपाल के राजघराने को देखने दिखाने के लिए ?
संस्कारित पुरुष अपनी खिड़कियाँ बंद कर लेते हैं !
क्या सारे गहने स्त्रियों के लिए हैं ? और पुरुष का काम
मात्र नथ उतारना है ?
नेपाल के राजघराने के साथ दरजी ने गुस्ताखी की या
प्रथ्वी के गुरुत्वाकर्सन कारण रहा हो , ये विवाद का विषय नहीं !
विषय है कि पुरुष ने क्या किया ?
एक ने उन लम्हों को केमरे मैं क़ैद किया और दूसरे ने
इंटरनेटी इश्तहार बना दिया !
ये दुरियोध्नी मानसिकता है !
कुंठाएं ऐसे भी निकाली जाती हैं !
ननुआ दूधवाला रेलगाड़ी के टायलट में अश्लील
चित्रकारी करके हल्का हो जाता है ! और गंगूराम चपरासी लिफ्ट
कि दीवारों पर गाहे -बगाहे प्रोनोग्राफ़ी कर लेता है !
लेकिन एक पुरुष जो डॉक्टर है , डिग्री भी बड़ी है ,उसकी सोच
का आयाम भी बड़ा है , अतः माध्यम भी बड़ा ही चुना है .........
" इन्टरनेट " !
हैसियत बड़ी , अपराध बड़ा !
डॉक्टर साहेब और भी बहुत कुछ है नारी के पास जिस्म के अलावा
उसे भी चित्रित करने की कोशिश करें !
पूर्वाग्रहों से ग्रसित न हों और कभी नारी कि रूह में भी गहरे
उतरकर कर देखें !
रूह , जहां शरीर अपना अर्थ खो देते हैं !
रूह , जहां जिस्म बे-मानी हो जाते हैं !
और शुरू होती है एक आध्यात्मिक यात्रा , जिस्म कहीं बहुत पीछे
रह जाते हैं !
एक शरीर के डॉक्टर के लिए मुश्किल तो होगी ये यात्रा , लेकिन
कोशिश तो कि जा सकती है !
और अगर गहरे उतर गए तो कोशिश करने के पर भी जिस्म न
देख पाओगे !
मेरे गुरु के आशीर्वाद स्वीकारें !
एक रसोइया
yatharth meditation international
dharmshala ( h.p.) 09418841999
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