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Tuesday, October 19, 2010

क्षणिक अंतराल में बहुत कुछ मिला

अपनी विवशता के कारण मैं ब्लॉग पर समय नहीं दे सका। आज मैंने ब्लॉग पर देखा कि लोकमंगल के दो नए सदस्य बने हैं। देखकर मुझे बड़ी ख़ुशी हुई । इन नए बने सदस्य श्री हीरालाल पाण्डेय और श्री विश्वमोहन तिवारी हम सभी लोमंगल के सदस्य उनका हार्दिक स्वागत करते हैं। लोकमंगल में दो का और इजाफा हुआ। ये सब श्री नीरवजी का ही स्नेह है।
आदरणीय नीरवजी को बधाई -मेरा भारत महान - के लिए। स्वर्ग यहीं है इसलिए तो टेलीफोन की एक काल १ रूपया हैजो सबसे सस्ती काल है।
मनन को बहुत- बहुत बधाई काका हाथरसी पर अच्छी पोस्ट के लिए।
श्री अरविन्द पथिक को बधाई जो ब्लॉग पर रोज दिखाई दे रहे हैं।
श्रीमती मधु मिश्राजी को बहुत बधाई विश्व मोहन तिवारी की पोस्ट का बेहतरीन विश्लेषण के लिए।
डा० अनिल कुलश्रेष्ठ को बधाई अच्छी एवं ज्ञानवर्धक चित्रप्रदर्शनी के लिए
श्री मकबूल जी को बधाई। उन्होंने एक बढ़िया गजल लिखी है।
श्री प्रशांत योगीजी का यथार्थ दर्शन- लज्जा स्त्री का गहना है - बहुत ही अच्छा लगा। उनको मेरी हार्दिक बधाई ।
भगवान सिंह हंस

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