यह मंच आपका है आप ही इसकी गरिमा को बनाएंगे। किसी भी विवाद के जिम्मेदार भी आप होंगे, हम नहीं। बहरहाल विवाद की नौबत आने ही न दैं। अपने विचारों को ईमानदारी से आप अपने अपनों तक पहुंचाए और मस्त हो जाएं हमारी यही मंगल कामनाएं...
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Monday, October 4, 2010
काव्य-किरीट से सम्मान
श्री भगवानसिंह हंसजी आपने भोपाल में मेरी सालगिरह पर जो भावभीना सम्मान किया था अचानक उसकी आज फोटो जखीरे में मिल गई। उसे आज ब्लाग पर सार्वजनिक कर रहा हूं।
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