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Friday, November 26, 2010

नीरवजी का व्यंग्य लेख अद्भुत है।परंपराओं के बहाने पतियों की करूण कहानी को आवाज देने का जो पुनीत कर्म उन्होने किया है उस संचित पुण्य से अगले जन्म मे निश्चित ही वे किसी रावण की पत्नी हों ऐसी मेरी प्रभु से प्रार्थना है। विपिन जी से गुडगाव मे जो वार्ता हुई वह अद्भुत थि यदि निकट भविष्य मे उनका दिल्ली आने का कार्यक्रम हो तो सुचित करें।प्रशांत योगी जी की वाणी मे प्लेटो की गहराई और बुद्ध की तेजस्विता है।
अरविंद पथिक
९९१०४१६४९६
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