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Saturday, December 25, 2010

.हंसजी बधाई

आप  सभी लोगों  का क्रिसमस  की हार्दिक  शुभ कामनाएँ . बड़ा दिन आप को और  बड़ा बनाये . आज  श्री भगवान  सिंह हंस ने  जो गद्य में  कविता की है वह लाजबाब है . कहाँ -कहाँ  से  शब्द छांटे हैं सोच -सोच कर हेरत में हूँ . मैं ,डॉक्टर मधु चतुर्वेदी और श्री प्रशांत योगी जी  की   तरफ से  भी  आप को शुभ कामनाएँ देता हूँ.  इन दोनों लोगों को भी आपका आलेख बहुत पसंद आया है .हंसजी बधाई
जय लोक मंगल ....
पंडित सुरेश नीरव
धर्मशाला प्रवास
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