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Tuesday, December 21, 2010

आत्मलिप्त


आत्मलिप्त : विश्व मोहन तिवारी


एयरपोर्ट के भरे

प्रतीक्षागार में

कृष्ण का चित्र देखते ही

एक बालक

हाथों को बाँसुरी की मुद्रा दे

नाचने लगता है


उसे देखकर

उसकी माँ के सिवाय

कोई भी नहीं मुस्कराता




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