There was an error in this gadget

Search This Blog

Sunday, January 30, 2011

आपके आशीर्वचन













आपके आशीर्वचन को अपने अन्तः में धारण करता हूँ और आप सबके चरण स्पर्श करता हूँ। आप सबके प्रति आभार व्यक्त करते हुए-
भगवान सिंह हंस


Post a Comment