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Sunday, January 2, 2011

तिवारीजी जिंदाबाद


आज जब मैंने ब्लाग पर श्री विश्वमोहम तिवारीजी का आलेख पढ़ा तो मन प्रसन्न हो गया। इतनी सारगर्भित व्याख्या मैंने सहयोग सहकार का इससे पहले कहीं नहीं पढ़ा, आनंद गया। मैं उनका आभारी हूं कि उन्होंने ब्लाग पर इतना सारगर्भित लेख लिखा।और हम सभी को अच्छी जानकारियां दीं।
मुकेश परमार
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