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Monday, February 21, 2011

इक सहारा मिल गया - -

प्यार की ख़ुशबू से महका ख़त तुम्हारा मिल गया
यूँ लगे हमको जहाँ ये आज सारा मिल गया
हर कदम पर लड़खड़ा कर चल रही थी आज तक
तुम मिले तो ज़िन्दगी को इक सहारा मिल गया - -
नित्यानंद `तुषार`
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