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Friday, February 4, 2011

ब्रह्म ऋषी श्री श्री नीरव जी

"आत्मा नीरव है तेरी जी रहे कई और हैं !"
          कभी कभी शायद आपको भी लगता हो कि अतीत के  मसीहों और पैगम्बरों ने आकाश से उतर कर
ब्रह्म ऋषी  श्री श्री नीरव जी की रूह  में  जगह ले ली है ! सरस्वती का तो पहले से ही वहाँ स्थाई निवास था !
अप्रतिम उपाधि के लिए बधाई स्वीकारें ! ....................प्रशांत योगी


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