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Friday, March 11, 2011

दूरदर्शन पर काव्य-संध्या



आदरणीय नीरवजी! पालागन। कल १२-३-२०११ को दूरदर्शन पर गंगा-जमुनी काव्य- संध्या का अद्भुत संचालन करने के लिए पहले से ही आपको बहुत-बहुत बधाई। क्योंकि आपके बेहतरीन संचालन की विद्वतजन बेहद तारीफ़ करते हैं और सभी कहते हैं कि साहब! हमने ऐसा संचालन आज तक नहीं देखा है। नीरवजी की क्या शब्दावली है, साहब। यह हमारी समझ से परे है कि नीरवजी शब्द के लिए जीते हैं या शब्द नीरवजी के लिए जीता है। ये आपकी सद्यः रचित पंक्तियां मुझे बड़ी पसंद आयीं --
दिन ललित वसंती आन लगे ,
अल्हड गोरी की चाल लगे।
-भगवान सिंह हंस


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