There was an error in this gadget

Search This Blog

Wednesday, April 27, 2011

मेरी शुभकामनाएं

भगवान सिंह हंसजी 
आपकी प्रशंसाओं ने जयलोकमंगल पर रौनक ला दी है.आप की लेखनी कमाल कर रही है,इन दिनों। मैं आपका आभार किन शब्दों में व्यक्त करू। आप ऐसे ही लिखते रहें,और ऐसे ही दिखते रहें। मेरी शुभकामनाएं।
पंडित सुरेश नीरव
Post a Comment