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Sunday, April 24, 2011

आदरणीय नीरवजी पालागन

 मैंने श्री नीरवजी द्वारा लिखित एवं  सद्यः प्रकाशित ग्रन्थ -उत्तर प्रश्नोपनिषद -जो  सभी शास्त्रों, वेदों, पुराणों, उपनिषदों और महाकाव्यों का सार है, पढ़ा है. बहुत ही आनंद आया.  इस ग्रन्थ में तत्व, शब्द, ग्रह, नक्षत्र, धर्म, संस्कार, राजनीति, सम्प्रदाय, वर्ण वर्गीकरण, प्रलय, स्रष्टि, सुर, असुर, राक्षस आदि का विशेष एवं बड़ी ही बारीकी से विश्लेषण तथा मीमांसा की है जो बहुत ही ज्ञानवर्धक है. इसलिए आप सभी से मेरा आग्रह है कि एक इस महान ग्रन्थ को अवश्य पढ़ें.जय लोकमंगल.

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