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Friday, May 6, 2011

कार्यालय रूपी वन का सिंह हो गया है पियन।

छठे वेतन आयोग ने एक बडा काम यह किया कि चतुर्थ स्रेणी कर्मचारी यानी पी यन का पद ही समाप्त कर दिया यानी कि सारे पी यन बाबू बन गये ।अब आफिस मे असली अफसर तो बाबू ही होता है । यानी कार्यालय रूपी वन का सिंह हो गया है पीयन।जब चाहे सिंह को मिमियाने को मज़बूर कर दे याकि गीदडों को प्रशंसा के झाड पर चढा अच्छे भले मानुष के खिलाफ हुआ- हुआ करवा दे इन पीयन रूपी सिहों के लिए चुटकी बजाने जैसा सरल काम हो गया है।सत्ता के गलियारों मे भी इन पीयनों की तूती खूब बोलती है क्योंकि ये बखूबी जानते हैं कि बडे साहब सिर्फ वाह वाह से प्रसन्न होंगे या भेंट पूजा से या फिर किसी सखी से प्रेमालाप कर वरदान देंगे।जबसे पीयन साहब बने हैं बेचारे दोयम दर्जे के अधिकारी या तो पीयन के पीयन हो गये हैं या तो दुम दबाकर कल्टी हो लिए।जिनको इतने पर भी सदबुद्धी नही आयी वे भगतसिंह की तरह शहीद हो लिए।अपन भी आजकल पीयन बनने के प्रोसेस मे हैं देखे हमारी कोशिशें कामयाब होती हैं दुआ कीजियेगा।स
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