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Sunday, May 15, 2011

आप को शब्द सिद्धि हो चुकी है


श्रद्धेय पंडित सुरेश नीरवजी,
अमर शहीद सुखदेव को आपने आज याद करा दिया। आज परिवार-दिवस है। वह भारत परिवार के कीमती सदस्य थे। उनकी स्मृतियों को प्रणाम। आपने उस दिन मेरी पुस्तक की बिना किसी तैयारी के इतनी अच्छी भूमिका लिखवा दी। यकीनन आप को शब्द सिद्धि हो चुकी है। आप पर हनुमानजी की बड़ी कृपा है। मैं आपको और आपकी मेधा को नमन करता हूं।
मुकेश परमार
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