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Sunday, May 15, 2011

जितनी प्रशंसा की जाए वह थोड़ी ही है


आदरणीय नीरवजी,
आज फिर आपने जिस शिद्दत से शहीदों को याद किया है उसने ये सिद्ध कर दिया है कि आपको हर क्षण-हर पल शहीदों  का ही स्मरण रहता है और आप दूसरों को भी इन शहीदों का पुण्य स्मरण कराते रहते हैं। आप के इस पुण्य कृत्य की जितनी प्रशंसा की जाए वह थोड़ी ही है। सादर पालागन..
हीरालाल पांडेय
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